प्रतिगमन सम्मोहन

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प्रतिगमन सम्मोहन (अंग्रेजी: Regression Hypnosis) एगो सम्मोहन विधि हे जेहमे व्यक्ति के मन के अवचेतन भाग में जाइके, उनके वर्तमान या भूतकाल के स्मृतियों के पता लगावाव जाय सके। ई विधि मुख्य रूप से दू प्रकार के होवे सके हे: आयु प्रतिगमन (Age Regression) जेहमे व्यक्ति के बचपन या पिछले जीवन के घटना के याद करावाव जाय सके, आ पूर्वजन्म प्रतिगमन (Past Life Regression Therapy - PLRT) जेहमे ई मानल जाय सके कि व्यक्ति के पिछले जन्म के अनुभव के सामने लाय जाय सके। भारत में, जहां पुनर्जन्म के मान्यता प्राचीन आ धार्मिक विश्वास में गहरा जड़ल हे, ई विधि के अलग अर्थ आ आकर्षण हे।

परिभाषा

प्रतिगमन सम्मोहन एगो सम्मोहनिक प्रक्रिया हे जेहमे प्रशिक्षित चिकित्सक या सम्मोहनकार व्यक्ति के गहरी विश्राम (ट्रान्स) की अवस्था में ले जाय सके हे। ई अवस्था में, व्यक्ति के चेतन मन शांत हो जाय सके हे आ अवचेतन मन के सामने आवे के मौका मिल सके हे। चिकित्सक के मार्गदर्शन में, व्यक्ति अपने जीवन के पिछले पल, अक्सर बचपन के, याद कर सके हे। पूर्वजन्म प्रतिगमन में, ई यात्रा आगे बढ़िके ओह समय के ओपर ले जाय सके हे जब व्यक्ति के जन्म भी नइं हुआ होवे, आ ओकर "पिछले जीवन" के दृश्य सामने आ सके हे। ई विधि के मानल जाय सके हे कि वर्तमान के कुछ मनोवैज्ञानिक समस्या, भय, या शारीरिक लक्षण (जे की साइकोसोमैटिक होवे) पिछले जन्म के अनसुलझे आघात से जुड़ल हो सके हे।

इतिहास

आधुनिक प्रतिगमन सम्मोहन के इतिहास कई महत्वपूर्ण लोग के काम से जुड़ल हे। मोरे बर्नस्टीन (Morey Bernstein) एगो अमेरिकी व्यवसायी आ सम्मोहनकार रहा। 1952 में, उनके विषय "रूथ सिमंस" (बाद में "ब्राइडी मर्फी" के नाम से प्रसिद्ध) पर किए गए काम, जेहमे उनके 19वीं सदी के आयरलैंड के जीवन के विवरण दिहलस, केस स्टडी बन गइल आ किताब "द सर्च फॉर ब्राइडी मर्फी" लिखलस। ई पश्चिम में पूर्वजन्म प्रतिगमन के लोकप्रियता के सुरूआत रहा।

ब्रायन वीस (Brian L. Weiss) एगो अमेरिकी मनोचिकित्सक, जेकर काम ई क्षेत्र में बहुत प्रभावशाली रहा। 1980 के दशक में, उनके मरीज "कैथरीन" के साथ काम करते समय, उनके पारंपरिक मनोचिकित्सा के तरीका नइं चललस। सम्मोहन प्रतिगमन के दौरान, कैथरीन ओह सब बात बतावे लागलस जे उनके अपने जीवन के नइं लागत रहा। डॉ. वीस के पुस्तक "मैनी लाइव्स, मैनी मास्टर्स" (1988) ने दुनिया भर में, खासकर भारत में, पूर्वजन्म चिकित्सा के बारे में जागरूकता फैलावलस। उनके काम आध्यात्मिक उपचार आ वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बीच सेतु बनावे के कोशिश करे सके हे।

माइकल न्यूटन (Michael Newton) एगो अमेरिकी सम्मोहन चिकित्सक रहा जेकर काम "लाइफ बिटवीन लाइव्स" (LBL) यानी जीवन के बीच के जीवन पर केंद्रित रहा। उनके विधि में, व्यक्ति के मृत्यु के बाद के अनुभव, आत्मा के दुनिया में वापसी, आ अगला जन्म लेवे के पहिले के तैयारी के बारे में जानकारी मिल सके हे। उनके पुस्तक "जर्नी ऑफ सोल्स" बहुत प्रसिद्ध रहा।

डोलोरेस कैनन (Dolores Cannon) एगो अमेरिकी सम्मोहन चिकित्सक आ लेखिका रही। उनके "क्यूएचएचटी" (क्वांटम हीलिंग हाइप्नोसिस टेक्निक) विधि बहुत गहरी ट्रान्स अवस्था के इस्तेमाल करे सके हे, जेहमे "उच्च आत्मा", "अन्य आयाम" या "अंतरिक्षीय जीवन" से संपर्क के दावा किए जाय सके हे। उनके काम बहुत विस्तृत आ विवादास्पद रहा।

कार्यप्रणाली

प्रतिगमन सम्मोहन के सत्र आमतौर पर शांत, आरामदायक वातावरण में होवे सके हे। चिकित्सक व्यक्ति के आंख बंद करावे के आ गहरी, धीमी सांस लेवे के निर्देश दे सके हे। फेर, विश्राम आ सम्मोहनिक सुझाव के माध्यम से, व्यक्ति के ट्रान्स अवस्था में ले जाय जाय सके हे। एक बार गहरी विश्राम में पहुंच जाय पर, चिकित्सक मार्गदर्शन देवे लाग सके हे: "अब हम समय में पीछे जा रहे हैं... उस घटना की ओर जो आपकी समस्या का कारण है..." या "अब आप एक दरवाजे के सामने हैं, जो आपके पिछले जीवन में खुलता है..."। व्यक्ति आमतौर पर जो देख सके हे या महसूस कर सके हे, उसका वर्णन ज़ोर-ज़ोर से बतावे सके हे। चिकित्सक ओह अनुभव के माध्यम से मार्गदर्शन करे सके हे, आघात के समाधान में मदद करे सके हे, आ फेर व्यक्ति के वर्तमान में सुरक्षित रूप से वापस ले आवे सके हे। सत्र के अंत में, अनुभव के बारे में चर्चा आ विश्लेषण हो सके हे।

प्रकार

  • आयु प्रतिगमन (Age Regression): ई विधि में व्यक्ति के अपने ही वर्तमान जीवन के पिछले चरण, खासकर बचपन, में वापस ले जाय जाय सके हे। ई अक्सर उन भूलल या दबा दिहल यादों के सामने लाये के लिए इस्तेमाल होवे सके हे जे वर्तमान व्यवहार या भावना के प्रभावित करत रहा।
  • पूर्वजन्म प्रतिगमन (Past Life Regression - PLR): ई सबसे चर्चित प्रकार हे, जेहमे व्यक्ति के उनके मौजूदा जन्म से पहिले के अस्तित्व के अनुभव के लिए मार्गदर्शन दिहल जाय सके हे। ई अनुभव विस्तृत कहानी, भावना, या केवल छवि के रूप में हो सके हे। मानल जाय सके हे कि ई वर्तमान जीवन के फोबिया, अजीब आकर्षण, या अस्पष्ट दर्द के स्पष्टीकरण दे सके हे।
  • जीवन के बीच का जीवन प्रतिगमन (Life Between Lives - LBL): माइकल न्यूटन द्वारा विकसित ई विधि पुनर्जन्म के बीच के "आत्मा के दुनिया" पर ध्यान केंद्रित करे सके हे। ई व्यक्ति के "आत्मा के समूह", "बुद्धिमान मार्गदर्शक", आ जीवन के पाठ या उद्देश्य के बारे में जानकारी प्राप्त करे के लिए डिज़ाइन किएल रहा।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण

मुख्यधारा के विज्ञान आ मनोविज्ञान प्रतिगमन सम्मोहन, खासकर पूर्वजन्म प्रतिगमन, के प्रति बहुत संदेहजनक दृष्टिकोण रखे सके हे। कई वैज्ञानिक ई मानत हे कि सम्मोहन की अवस्था में दिखाई दे वाला "पिछले जीवन" के दृश्य क्रिप्टोमनेसिया (भूलल यादों के अवचेतन मिश्रण), कल्पना, सांस्कृतिक संकेत, या चिकित्सक के सुझाव के परिणाम हो सके हे। मस्तिष्क के कल्पना करे वाला हिस्सा आ वास्तविक यादों वाला हिस्सा सम्मोहन में सक्रिय हो सके हे, जेकरा से ई भ्रम पैदा हो सके हे कि कल्पना किए गए अनुभव वास्तविक याद हे। आलोचक लोग कहत हे कि ई विधि में ऐतिहासिक सटीकता साबित करे के लिए कोई ठोस सबूत नइं हे, आ ई केवल विश्वास पर आधारित हे।

पुनर्जन्म अनुसंधान

पुनर्जन्म के वैज्ञानिक अध्ययन के क्षेत्र में, डॉ. इयान स्टीवेन्सन (Ian Stevenson) आ उनके सहयोगी डॉ. जिम टकर (Jim B. Tucker) के काम उल्लेखनीय रहा। उन लोगों ने, खासकर भारत समेत एशिया के देशों में, ऐसन बच्चों के मामला के दस्तावेज बनावलस जे अपने पिछले जन्म के बारे में विस्तृत जानकारी देत रहा। ई शोधकर्ता बच्चों के बयान के सत्यापित करे के कोशिश करत रहा, जेहमे पिछले परिवार के नाम, स्थान, आ घटना के विवरण शामिल रहा। हालांकि ई शोध विवादास्पद रहा, पर ई पुनर्जन्म के संभावना के लिए वैज्ञानिक तर्क दे वाला लोग के लिए एगो आधार प्रदान करे सके हे। प्रतिगमन सम्मोहन आ ई केस स्टडी अलग-अलग क्षेत्र हे, पर दुनों पुनर्जन्म के विचार के समर्थन करे के दावा करत हे।

भारत में अभ्यास

भारत में, प्रतिगमन सम्मोहन के अभ्यास एगो अनोखा स्वरूप लेत हे, काहे से कि पुनर्जन्म (Reincarnation) के विचार हिंदू, बौद्ध, जैन, आ सिख धर्म में गहरा समायल हे। ई सांस्कृतिक पृष्ठभूमि ई विधि के लिए तैयार जमीन प्रदान करे सके हे। कई भारतीय चिकित्सक आ आध्यात्मिक गुरु ई तकनीक के इस्तेमाल करत हे। डॉ. नीलेश शाह (मुंबई), डॉ. नरेंद्र चौधरी (दिल्ली), आ श्रीमती सुजाता गुप्ता (बैंगलोर) जैसन कई प्रैक्टिशनर भारत में सक्रिय हे। कई लोग ई केवल जिज्ञासा से, तो कई गंभीर मनोवैज्ञानिक या आध्यात्मिक उपचार के लिए ई सेवा लेत हे।

भारत में ई चिकित्सा के प्रति दृष्टिकोण मिलाजुला हे। कई लोग ई के प्राचीन ज्ञान आ आधुनिक चिकित्सा के संगम के रूप में देखत हे, तो कई ई के अंधविश्वास या पश्चिमी फ़ैशन समझत हे। भारतीय मीडिया (टीवी शो, अखबार) में कभी-कभार ई पर कार्यक्रम या लेख देखे के मिल सके हे। धार्मिक परंपरा में, पिछले जन्म के कर्म (कर्म सिद्धांत) के विचार के साथ जोड़िके, ई विधि के "कर्मिक ऋण" के समाधान के रूप में भी देखल जाय सके हे।

कानूनी आ नैतिक विचार

भारत में, प्रतिगमन सम्मोहन के अभ्यास के लिए कोई विशिष्ट कानून या लाइसेंस नइं हे। हालांकि, चिकित्सक के पास सम्मोहन के उचित प्रशिक्षण आ मनोविज्ञान में पृष्ठभूमि होवे जरूरी हे। नैतिक रूप से, चिकित्सक के सूचित सहमति लेवे जरूरी हे – मतलब व्यक्ति के पूरी प्रक्रिया, संभावित जोखिम (जेहमे झू